Monday, November 30, 2009

जनता सावधान




ये वक्त है निकाय चुनाव का ऐसे चुनाव ही बड़े महत्व रखते है क्यौकी छोटे सहर से लेकर बड़े महानगर की जनता ही मुखिया को तय करती है अगर बात की जाए सरपंच की तो वो ही गाँव के विकास के लिए जिमेदार होता है और यहाँ भी वह जनता के द्वारा सीधा चुना जाता है न की पन्न्चो के द्वारा इसलिए इन चुनाव में जनता को बहुत ही सावधानी से सरपंच या महापोर नगर पालिका अध्यक्ष को चुनना चाहिए आगे चलकर ये लोग ही मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय सरकार तक पहुच जातें है तो सावधान जनता निचले स्तर से ही अच्छे लोगो को सीट पर विराजित करिए

Tuesday, November 24, 2009

रिपोर्ट लीक कैसे हो गई


लिब्राहन आयोग की रिपोर्ट लीक करने पर मचा बवाल क्या नही कर सकता
बात यही ख़तम नही होती अब ऐसे आयोग की रिपोर्ट लीक हो गई जो देश में दंगा कार्य सकता है सरकार को सावधानी रखकर काम करना होगा
न्यूज़ पेपर में आया संसद में खलबली मच गई
अरे भाई देश के साथ खिलवाड़ अच्छा नही

लिखना तो बहुत है मगर इन्टरनेट नही मिलता

कहना तो बहुत है पर क्या करू

ऐसी जगह पर हूजहा नेट तक नही है

बस अब बहुत हो गया

Sunday, August 2, 2009

कुछ नया करो यारो कब तक नक़ल करोगे

क्या बताऊ भारत को लोग इंडिया कहना जायदा पसंद कर रहे है अब यही देख लीजिये ३ दिन बाद रक्षाबंधन है तो बाज़ार में राखी कम दिख रही है वही आज फ्रेंड शिप डे पर लोगों ने फ्रेंडशिप बेंड बांधे ये दिन अमेरिका का त्यौहार है जो भारत के लोगो ने अपना लिया
जब भारत के त्यौहार गायब होते जा रहे है यही हम विदेशियों पर डूबता जा रहे रहे हैं ये हमारी नक़ल की मानसिकता लागु कर रहे हैं खेर अब आप ये बात सोच लीजिये वो लोग ही खुश हैं जो अपना कुछ नया करते हैं
अब फोटो की कविता जरुर पढिये

Tuesday, July 28, 2009

चेहरा नहीं दिखता

आज किसी ने तन मन धन झकझौर कर दिया वो इंसान जो मेरे साथ काम कर रहे है उनने मुझसे कहा क्या तेरी कोई सेटिंग है में हंसा क्या बात कही थी मेरा मन भी हिल गया मेने जबाब दिया की नहीं मेरी कोई नहीं है मै तो प्यार ही नहीं किया वे तापाक से बोले अरे भाई प्यार नहीं मै तो सेटिंग की बात कर रहा हु आज प्यार कौन करता है पगले अरे तू भी जमा ले मुघे उनकी बात पर मज़ा आ रहा था पर वो बन्दा जब से नौकरी कर रहा था जब मै पैदा हुआभी नहीं था मेरे भोपाल में आये जादा दिन नहीं हुए है पर मजाल की किसी लड़की का दीदार किया हो
इसके पीछे न जाने क्यों मेरा मन ही नहीं करा मै तो सिर्फ आनंद लेता हूँ
अब भोपाल का बारे मै पढिये यहाँ लड़की का सब कुछ दीखता है पर क्या करू चेहरा नहीं दीखता क्यौकी यहाँ की लड़किया सभी नहीं वे तो मुह मै कपडा बंधकर ही घर से निकलती है मजाल की कोई उनका थोबडा देख सके मै तो बेचारा आनंद लेने वाला पत्रकार हर चीज़ को गौर करके देखना आदत बन गयी है

Sunday, July 26, 2009

कहाँ है ऐसे पत्रकार


मेरे सहर में पी साईनाथ आये २५ जुलाई २००९ को भोपाल वासी पत्रकारों को संबोधित किया की हमारा काम समाज का सामने सरकार की सच्चाई लाना है सरकारी इनाम लेना हमारी आवश्यकता नहीं होती साईनाथ विसेसकर ग्रामीण पत्रकारिता का युग पुरुष कहे जाते है

पर आज जो पत्रकार बन रहे है वे ऐसी में बैठकर काम करना पसंद कर रहे है उन्हें अगर सरकारी इन्नाम मिलेगा तो वे अपने को बड़ा समझने लगते है

अगर उन्हें किसी गाँव में या छोटे सहर में रिपोर्टिंग का लिए भेजा जाता है तो वे नहीं जाना पसंद करते

पत्रकारिता का स्वरुप बदलने लगा है पर पत्रकार को साईनाथ से प्रेरणा जरुर लेनी चाहिए

एक बात और साईनाथ को प्रसिद्ध अंतररास्ट्रीय रेमन मेगसेसे पुरुस्कार भी मिल चूका है

Saturday, July 25, 2009

पत्रकारिता का गुड आने लगे है


जब से पेसे की पत्रकारिता करने लगे है
कसम से अपनों और समाज से दूर रहने लेगे है
कसम ऊपर वाले की दिन भर सोने लेगे है
शाम४ बजे से रात २ बजे नौकरी करकर
प्रकृति से लड़ने लगे है
अब हम मन ही मन वो कागज़ की कसती वो बारिस का पानी
गाना गाने लगे है
इस को हमारी टेंसन न समजो यारो
हम सही की पत्रकारिता करने लगे है
रात २ बजे दाल चावल गटकने लगे है
राय जो करते थे नाटक अब सुखा रुखा खाने लगे है
अब हमे विस्वास हो गया यारो हम्मे एक पत्रकार का गुड
अन्ने लगे है
अब तो लोग कहते है भाई राय साहब बदलने लगे है