Tuesday, November 24, 2009

रिपोर्ट लीक कैसे हो गई


लिब्राहन आयोग की रिपोर्ट लीक करने पर मचा बवाल क्या नही कर सकता
बात यही ख़तम नही होती अब ऐसे आयोग की रिपोर्ट लीक हो गई जो देश में दंगा कार्य सकता है सरकार को सावधानी रखकर काम करना होगा
न्यूज़ पेपर में आया संसद में खलबली मच गई
अरे भाई देश के साथ खिलवाड़ अच्छा नही

लिखना तो बहुत है मगर इन्टरनेट नही मिलता

कहना तो बहुत है पर क्या करू

ऐसी जगह पर हूजहा नेट तक नही है

बस अब बहुत हो गया

Sunday, August 2, 2009

कुछ नया करो यारो कब तक नक़ल करोगे

क्या बताऊ भारत को लोग इंडिया कहना जायदा पसंद कर रहे है अब यही देख लीजिये ३ दिन बाद रक्षाबंधन है तो बाज़ार में राखी कम दिख रही है वही आज फ्रेंड शिप डे पर लोगों ने फ्रेंडशिप बेंड बांधे ये दिन अमेरिका का त्यौहार है जो भारत के लोगो ने अपना लिया
जब भारत के त्यौहार गायब होते जा रहे है यही हम विदेशियों पर डूबता जा रहे रहे हैं ये हमारी नक़ल की मानसिकता लागु कर रहे हैं खेर अब आप ये बात सोच लीजिये वो लोग ही खुश हैं जो अपना कुछ नया करते हैं
अब फोटो की कविता जरुर पढिये

Tuesday, July 28, 2009

चेहरा नहीं दिखता

आज किसी ने तन मन धन झकझौर कर दिया वो इंसान जो मेरे साथ काम कर रहे है उनने मुझसे कहा क्या तेरी कोई सेटिंग है में हंसा क्या बात कही थी मेरा मन भी हिल गया मेने जबाब दिया की नहीं मेरी कोई नहीं है मै तो प्यार ही नहीं किया वे तापाक से बोले अरे भाई प्यार नहीं मै तो सेटिंग की बात कर रहा हु आज प्यार कौन करता है पगले अरे तू भी जमा ले मुघे उनकी बात पर मज़ा आ रहा था पर वो बन्दा जब से नौकरी कर रहा था जब मै पैदा हुआभी नहीं था मेरे भोपाल में आये जादा दिन नहीं हुए है पर मजाल की किसी लड़की का दीदार किया हो
इसके पीछे न जाने क्यों मेरा मन ही नहीं करा मै तो सिर्फ आनंद लेता हूँ
अब भोपाल का बारे मै पढिये यहाँ लड़की का सब कुछ दीखता है पर क्या करू चेहरा नहीं दीखता क्यौकी यहाँ की लड़किया सभी नहीं वे तो मुह मै कपडा बंधकर ही घर से निकलती है मजाल की कोई उनका थोबडा देख सके मै तो बेचारा आनंद लेने वाला पत्रकार हर चीज़ को गौर करके देखना आदत बन गयी है

Sunday, July 26, 2009

कहाँ है ऐसे पत्रकार


मेरे सहर में पी साईनाथ आये २५ जुलाई २००९ को भोपाल वासी पत्रकारों को संबोधित किया की हमारा काम समाज का सामने सरकार की सच्चाई लाना है सरकारी इनाम लेना हमारी आवश्यकता नहीं होती साईनाथ विसेसकर ग्रामीण पत्रकारिता का युग पुरुष कहे जाते है

पर आज जो पत्रकार बन रहे है वे ऐसी में बैठकर काम करना पसंद कर रहे है उन्हें अगर सरकारी इन्नाम मिलेगा तो वे अपने को बड़ा समझने लगते है

अगर उन्हें किसी गाँव में या छोटे सहर में रिपोर्टिंग का लिए भेजा जाता है तो वे नहीं जाना पसंद करते

पत्रकारिता का स्वरुप बदलने लगा है पर पत्रकार को साईनाथ से प्रेरणा जरुर लेनी चाहिए

एक बात और साईनाथ को प्रसिद्ध अंतररास्ट्रीय रेमन मेगसेसे पुरुस्कार भी मिल चूका है

Saturday, July 25, 2009

पत्रकारिता का गुड आने लगे है


जब से पेसे की पत्रकारिता करने लगे है
कसम से अपनों और समाज से दूर रहने लेगे है
कसम ऊपर वाले की दिन भर सोने लेगे है
शाम४ बजे से रात २ बजे नौकरी करकर
प्रकृति से लड़ने लगे है
अब हम मन ही मन वो कागज़ की कसती वो बारिस का पानी
गाना गाने लगे है
इस को हमारी टेंसन न समजो यारो
हम सही की पत्रकारिता करने लगे है
रात २ बजे दाल चावल गटकने लगे है
राय जो करते थे नाटक अब सुखा रुखा खाने लगे है
अब हमे विस्वास हो गया यारो हम्मे एक पत्रकार का गुड
अन्ने लगे है
अब तो लोग कहते है भाई राय साहब बदलने लगे है

Wednesday, April 1, 2009

नेट पास करना जरुरी है

साइंस साइड से नेट के लिए परीक्षा आगामी 21 जून को होगी। फार्म छह अप्रैल तक मिलेंगे, जिन्हें 13 अप्रैल तक जमा
किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए www.csirhrdg.res.in पर लॉग इन करें। देश में उच्च शिक्षण संस्थानों में ओबीसी आरक्षण के लागू होने से सीटों की संख्या बढ़ी हैं। जाहिर है, ज्यादा स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए फैकल्टी की संख्या भी बढ़ानी पड़ेगी। दिल्ली यूनिवसिर्टी में ही अगले दो सालों में करीब 2575 टीचर की नियुक्ति होनी है। लेक्चरर बनने के लिए आपको विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का नैशनल एजुकेशनल टेस्ट (नेट) पास करना होगा। आज बात करते हैं सिर्फ साइंस साइड से नेट क्वॉलिफाई करने के बारे में। विज्ञान विषयों की नेट और जूनियर रिसर्च फेलोशिप परीक्षा यूजीसी व काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्र्यिल रिसर्च (सीएसआईआर) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जाती है। इस बार यह परीक्षा 21 जून को होगी। फार्म 12 मार्च से 6 अप्रैल तक मिलेंगे। फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 13 अप्रैल है। अधिक जानकारी के लिए www.csirhrdg.res.in पर लॉग इन करें। नेट एग्जाम पास करने के बाद आप लेक्चरर बनने के साथ-साथ रिसर्च फेलोशिप भी पा सकते हैं। इस शोध कार्य में आपको आर्थिक सहायता भी मिलती है। मानविकी संकाय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विषयों और भाषाओं के लिए यह परीक्षा देश के मुख्य स्थानों पर साल में दो बार जून व दिसंबर में होती है। योग्यता नेट में शामिल होने के लिए पोस्ट ग्रैजुएशन में कम से कम 55 प्रतिशत अंक होने चाहिए। अनुसूचित जाति-जनजाति, शारीरिक रूप से विकलांग, पीएचडी पास व 19.09.91 तक पीजी करने वाले स्टूडेंट्स को अंकों में पांच प्रतिशत की छूट दी जाती है। अगर आप पीजी के अंतिम वर्ष के एग्जाम दे चुके हैं, तो भी नेट एग्जाम दे सकते हैं। आयु सीमा जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए आपकी उम्र 19 से 28 साल के बीच होनी चाहिए। अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, शारीरिक रूप से विकलांग व महिलाओं को पांच साल की छूट दी जाती है। अगर आप सिर्फ नेट की परीक्षा देना चाहते हैं, तो न्यूनतम आयु सीमा 19 साल है। अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है। परीक्षा परीक्षा में दो प्रश्न-पत्रों की परीक्षा एक ही दिन में ली जाती है। दोनों पेपर ढाई-ढाई घंटे के होते हैं। प्रत्येक के लिए 200 अंक निर्धारित हैं।